Searching...
शुक्रवार, 13 जुलाई 2007
no image

पूछते हो तो सुनो कैसे बसर होती है - मीना कुमारी

मोमिन की खूबसूरत गज़ल के बाद एक बार फिर मीना कुमारी की पुरखलिश शायरी की ओर रुख करते हैं। तनहाई और दर्द से दो-चार लोगों का वक्त किस तरह गुज़रता...

शनिवार, 7 जुलाई 2007
no image

असर उसको ज़रा नहीं होता - मोमिन खाँ ’मोमिन’

आज इस बज़्म में मैं १९वीं सदी के मशहूर शायर मोमिन खाँ ’मोमिन’ की एक गज़ल लेकर हाज़िर हुआ हूँ। मोमिन अपने ज़माने के उस्ताद शायरों में गिने जाते थ...

गुरुवार, 5 जुलाई 2007
no image

आबलापा कोई इस दश्त में आया होगा - मीना कुमारी

मीना कुमारी 'नाज़' नाम किसी परिचय का मोहताज़ नहीं है. हिन्दुस्तान की इस हसीन अदाकारा ने अपनी बेमिसाल अदायगी के दम पर लोगों के दिल में...

 
Back to top!