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बुधवार, 16 अप्रैल 2008
असाध्य वीणा : अज्ञेय

असाध्य वीणा : अज्ञेय

कुछ रचनायें एक बार पढ़ते ही मन-मस्तिष्क पर इस कदर छा जातीं हैं कि उन्हें बार-बार पढ़ने की इच्छा होती है. हालाँकि कई बार हम खुद यह नहीं समझ पात...

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2008
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हाँ मगर एक दिया, नाम है जिसका उम्मीद : क़ैफ़ी

क़ैफ़ी साहब की ज़िंदगी और शायरी को जानने की इस कोशिश के पिछले मुकाम पर हमने उनकी शायरी और संवादों से सजी कुछ चुनिंदा फिल्मों का ज़िक्र किया. आज ...

 
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